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PROUD TO BE A RAJPUT

Rajput- The Never Ending Story..Never born ..Never Die...But Always In Flow..

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मासुम सी तेरी याद

झिलमील-2 तारो से
जगमग है एक रात
इन रातों में आ जाती है,
अचानक
मासुम सी तेरी याद !!

बीतें लम्हों से
धुन्धली सी
जैसे पडी तस्विर
कभी गिरती, कभी उठती
सर्द हवाओं के स्पश्र जैसी
मासुम सी तेरी याद !!

कभी जाडे की धुप सी गुनगुनी
जैसे तुम्हारे स्पर्श से
महकती ,सिसकती,
शर्मायी नवेली दुलहन के जैसे
छलक जाती है
मासुम सी तेरी याद !!

नश्वर है यह वक़्त
सहशा पीछे मुडकर
नही जाया जा सकता
यह हमने भि जाना है,
फिर भि बहुत व्याकुल है
मन आकुलाता है यह छण और
इनके सब के बीच
अचानक
मासुम सी तेरी याद !!

अब तो बस,
तेरे बीन रहना है
अकेले- अकेले ही
सफर तय करना है
अब मेरा है यह एकाकी जीवन
और इनमें बसी
मासुम सी तेरी याद !!
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