Tuesday, April 17, 2012 11:47:49 AM
पहला पहला प्यार
पहला- पहला प्यार आँखों से काजल बनकर दिल में उतरता है
फिर वही प्यार हीरे में बदल जाता है
जो ना गलत है और ना जलता है ,
जिंदगी भर यादें बनकर दिल में चुभता रहता है
फिर से जो प्यार होता है वो सौतन की तरह होता है
पति को परमेश्वर मन जाता है लेकिन
मन में मूरत किसी और की होती है
और आँखों में सूरत किसी और की होती है
वो एक ऐसा समझोता सा होता है
संकरी गली की तरह जो आगे से बंद होती है ,
पीछे भी ना जाया जाये और आगे भी बंद है
पूरी जिंदगी गली के खुलने के इंतजार में कट जाती है
लेकिन खोया हुआ प्यार वापिस पाने की इच्छा पूरी नहीं होती
प्यार कोई करता नहीं हो जाता है
बबूल में कांटा उगाया नहीं जाता उग आता है
यह उसकी फितरत में होता है
ऐसे ही प्यार करना इन्सान की फितरत में होता है
लेकिन प्यार फूल की तरह होता है जो काँटों के साथ रहकर भी
काँटों को पहचान नहीं पता और अपना दिल में छेद कर बैठता है!
पहला- पहला प्यार आँखों से काजल बनकर दिल में उतरता है
फिर वही प्यार हीरे में बदल जाता है
जो ना गलत है और ना जलता है ,
जिंदगी भर यादें बनकर दिल में चुभता रहता है
फिर से जो प्यार होता है वो सौतन की तरह होता है
पति को परमेश्वर मन जाता है लेकिन
मन में मूरत किसी और की होती है
और आँखों में सूरत किसी और की होती है
वो एक ऐसा समझोता सा होता है
संकरी गली की तरह जो आगे से बंद होती है ,
पीछे भी ना जाया जाये और आगे भी बंद है
पूरी जिंदगी गली के खुलने के इंतजार में कट जाती है
लेकिन खोया हुआ प्यार वापिस पाने की इच्छा पूरी नहीं होती
प्यार कोई करता नहीं हो जाता है
बबूल में कांटा उगाया नहीं जाता उग आता है
यह उसकी फितरत में होता है
ऐसे ही प्यार करना इन्सान की फितरत में होता है
लेकिन प्यार फूल की तरह होता है जो काँटों के साथ रहकर भी
काँटों को पहचान नहीं पता और अपना दिल में छेद कर बैठता है!


