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परमात्मा

भक्तकी दृष्टि में एकमात्र परमात्मा ही उसका परम जीवन, परम धन, परम आश्रय, परम गति और परम लक्ष्य रह जाता है|
भक्तकी दृष्टि में एकमात्र परमात्मा ही उसका परम जीवन, परम धन, परम आश्रय, परम गति और परम लक्ष्य रह जाता है|

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HOTTEST OF 2012

 
कैसा खेल रचाया मेरे दाता जित देखू उत तू ही तू |
कैसा खेल रचाया मेरे दाता जित देखू उत तू ही तू| (१) नर नारी में एक ही कहिए दोउ जगत में दर्श
तू,
बालक होके रोवण लगगया माता बन पुचकारे तू |
कैसा खेल रचाया मेरे दाता जित देखू उत तू ही तू | (२) कीड़ी में छोटा बन बैठा हाथी के में मोटा तू ,
होए मगन मस्ती कर डोलै महावत बनकर बैठा तू |
कैसा खेल रचाया मेरे दाता जित देखू उत तू ही तू | (३) राज घरा में राजा बन बैठा मंगता के में
भिखारी तू,
होए झगड़ालू झगड़ा लाग्या फोजदार फोजा में तू |
कैसा खेल रचाया मेरे दाता जित देखू उत तू ही तू | (४) देवल में देवता बन बैठा पूजा में पुजारी तू ,
चोरी करके बाजै चोरटे खोज करन में खोजी तू|
कैसा खेल रचाया मेरे दाता जित देखू उत तू ही तू |
कैसा खेल रचाया मेरे दाता जित देखू उत तू ही तू| (५) राम ही करता राम ही भरता सारा खेल
रचाया तू,
कहें"कबीर" सुनो भाई साधो उल्ट खोज कर
पाया तू |
कैसा खेल रचाया मेरे दाता जित देखू उत तू ही तू |

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मनुष्य अपने स्वभाव का दास होता है, कुछ समय पहले जो आपका प्रिय था वही कुछ देर बाद अप्रिय हो जाता है !
In Baadlon Ka Mizaaz bhi Khoob Milta Hai mere Apno se .Kabhi Toot Ke Baras Jaate Hain.To Kabhi Rooth ke Chale Jaate Hain.
Ek teraa saath hamko do jahan se pyaaraa hai tu hai to har sahaaraa hai naa mile sansaar ...naa mile sansaar tera pyaar to hamaaraa hai
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